प्राणायाम करने का सही तरीका सबसे पहले अपने आप को शांत और पूरे शरीर को आरामदायक स्थिति में करके बैठ जय इसके बाद सबसे पहले आपको रेचक करना है फिर पूरा करना है फिर कुंभक करना है 5 बार इस प्रक्रिया को करने के बाद सबसे पहला जो प्राणायाम होगा वह है
अनुलोम विलोम प्राणायाम
अनुलोम विलोम प्राणायाम इस प्राणायाम को भी बहुत ही सावधानी के साथ करें जिसमें आपकी जो दो ना सा क्षेत्र है दाहिना और बाया तो बाय साइड से स्वास को ग्रहण करें और दाहिने साइड से श्वास को बाहर निकालें फिर दाहिने साइड से ही श्वास को अंदर ले फिर बाए साइड से श्वास को बाहर निकालें यह हो गई अनुलोम-विलोम की एक साइकिल इसको आप 10 बार 20 बार जितनी बार चाहे उतनी बार करें जितने समय के लिए चाहे उतने समय के लिए करें इस प्राणायाम को करने से आपकी नाड़ी शोधन की जो प्रक्रिया है वह यहां पर पूरी होती है
इस तरह से प्राणायाम करने की आपको अनेक अनेक लाभ प्राप्त होते हैं जिस से बात, कफ, और पित्त को संतुलित किया जा सकता है।
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